Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को कब और कà¥à¤¯à¤¾ खिलाà¤à¤‚? | 6 Month Baby Food Recipes And Chart In Hindi
IN THIS ARTICLE
शिशॠको ठोस आहार कब से देना शà¥à¤°à¥‚ करें?
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤¯à¤¾ खिलाना चाहिà¤?
6 माह के शिशॠको कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में खाना देना चाहिà¤?
शिशॠको ठोस आहार शà¥à¤°à¥‚ करने के लिठटिपà¥à¤¸
6 माह के शिशॠका आहार चारà¥à¤Ÿ-| Food chart for 6 month old baby
6 माह के शिशॠके लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ 6 रेसिपी | 6 month baby food recipes in hindi
6 महीने का शिशॠका आहार बनाते और देते वकà¥à¤¤ सावधानियां
6 महीने के शिशà¥à¤“ं के लिठआहार का चयन करना हर माता-पिता के लिठचिंता का विषय होता है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सॉलिड फूड शà¥à¤°à¥‚ करने से पहले उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥€ पूरी जानकारी होना जरूरी होता है। माता-पिता की इस परेशानी को दूर करने के लिठहम मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ का यह लेख लेकर आठहैं। यहां हम बताà¤à¤‚गे कि शिशà¥à¤“ं को ठोस आहार देने का सही समय कà¥à¤¯à¤¾ है। साथ ही इसकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ कैसे करनी चाहिठऔर इस दौरान कà¥à¤¯à¤¾ सावधानियां बरतनी चाहिà¤à¥¤ यही नहीं, लेख में आपको 6 महीने के शिशॠके लिठडाइट चारà¥à¤Ÿ और मजेदार रेसिपी के बारे में à¤à¥€ जानने को मिलेगा।
लेख की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ हम शिशॠको ठोस आहार देने की उमà¥à¤° से करेंगे।
शिशॠको ठोस आहार कब से देना शà¥à¤°à¥‚ करें?
à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ (नेशनल सेंटर ऑफ बायोटेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ इनफारà¥à¤®à¥‡à¤¶à¤¨) की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• शोध के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, जनà¥à¤® से लेकर 6 महीने तक शिशॠको केवल सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने की सलाह दी जाती है। वहीं, 6 महीने की उमà¥à¤° के बाद शिशà¥à¤“ं को ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन कराया जा सकता है (1)। दरअसल, 6 महीने की उमà¥à¤° के बाद शिशॠके विकास के लिठमां का दूध परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं होता है। इसलिà¤, शिशà¥à¤“ं को 6 महीने के बाद ठोस आहार देने की सलाह दी जाती है (2)।
वहीं, अगर शिशà¥à¤“ं को 6 महीने की उमà¥à¤° से पहले कोई ठोस आहार खिलाया जाà¤, तो इससे उनमें आइलेट ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚निटी, जो मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ का कारण बन सकती है, मोटापा, सीलिà¤à¤• रोग और à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, अगर शिशà¥à¤“ं को देरी से ठोस आहार खिलाया गया, तो आगे चलकर उसे खाने से संबंधित परेशानी हो सकती है या फिर इसका असर उसके शारीरिक विकास पर पड़ सकता है (1)। इसलिठजरूरी है कि सही समय पर शिशà¥à¤“ं को ठोस आहार दिया जाà¤à¥¤
लेख में आगे जानते हैं कि 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤¯à¤¾ खिलाया जा सकता है।
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤¯à¤¾ खिलाना चाहिà¤?
आमतौर पर 6 महीने के शिशà¥à¤“ं को केवल मैशà¥à¤¡ फूड, पà¥à¤¯à¥‚री या फिर सेमी सॉलिड फूड का सेवन कराने की सलाह दी जाती है। वहीं, 8 महीने की उमà¥à¤° के बाद उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फिंगर फूड खिलाने की सलाह दी जाती है (2)।
6 महीने के शिशà¥à¤“ं को निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित चीजों का सेवन कराया जा सकता है (3):
पकी हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, जैसे – गाजर, पारà¥à¤¸à¤¨à¤¿à¤ª, आलू, शकरकंद, तोरी, फूलगोà¤à¥€ और बà¥à¤°à¥‹à¤•ली
सà¥à¤¤à¤¨ या फारà¥à¤®à¥‚ला दूध के साथ मिलाकर, चावल, मकà¥à¤•ा, बाजरा
नरम और पके फलों की पà¥à¤¯à¥‚री, जैसे – केला, नाशपाती, कीवी, सेब
बीनà¥à¤¸ और दाल
लाल मांस
मछली, जैसे- सारà¥à¤¡à¤¿à¤¨, टूना और पायलचरà¥à¤¡
आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ अनाज, जो मीठा न हो
दही, दूध, और दूध से बने उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦
नोट : लेख में बताठगठआहार को अचà¥à¤›à¥‡ से मैश करें या फिर उसकी पà¥à¤¯à¥‚री बनाकर ही 6 महीने के शिशà¥à¤“ं को खिलाà¤à¤‚।
8 माह होने के बाद शिशॠको नीचे दिठगठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन कराया जा सकता है (3):
मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® फलों के टà¥à¤•ड़े, जैसे – खरबूजा, केला, पका हà¥à¤† नाशपाती, आड़ू और कीवी
पकी हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पतला और लंबा-लंबा काटकर, जैसे – गाजर, हरी बीनà¥à¤¸, तोरी, आलू और शकरकंद
कà¥à¤› पकी हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के टà¥à¤•ड़े, जैसे – फूलगोà¤à¥€ और बà¥à¤°à¥‹à¤•ली
पासà¥à¤¤à¤¾ अचà¥à¤›à¥€ तरह से पका कर
बà¥à¤°à¥‡à¤¡ का मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® वाला हिसà¥à¤¸à¤¾
पनीर के टà¥à¤•ड़े
लेख के इस हिसà¥à¤¸à¥‡ में 6 माह के शिशॠके लिठआहार की मातà¥à¤°à¤¾ जानिà¤à¥¤
6 माह के शिशॠको कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में खाना देना चाहिà¤?
6 महीने के शिशॠके à¤à¥‹à¤œà¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ उसके पेट की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ या आकार पर निरà¥à¤à¤° करती है, जो आमतौर पर बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर के वजन का 30 मिली पà¥à¤°à¤¤à¤¿ किलो होता है। उदाहरण के लिठअगर किसी बचà¥à¤šà¥‡ का वजन 8 किलो है, तो उसके पेट की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ 240 मिली होगी यानी लगà¤à¤— à¤à¤• बड़ा कप (2)।
वहीं, ऊरà¥à¤œà¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बात करें तो 6 महीने के शिशॠको à¤à¤• दिन में 200 किलो कैलोरी ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत होती है। इस आधार पर उसे दिन में कम से कम 2 से 3 बार à¤à¥‹à¤œà¤¨ कराना चाहिà¤à¥¤ वहीं, इसकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ 2 या 3 चमà¥à¤®à¤š से करनी चाहिठ(2)।
शिशà¥à¤“ं को दी जाने वाली आहार की मातà¥à¤°à¤¾ जानने के बाद फीडिंग से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ कà¥à¤› टिपà¥à¤¸ जान लीजिà¤à¥¤
शिशॠको ठोस आहार शà¥à¤°à¥‚ करने के लिठटिपà¥à¤¸
यहां हम कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ ही टिपà¥à¤¸ बता रहे हैं, जो शिशॠको ठोस आहार शà¥à¤°à¥‚ करने में मददगार हो सकते हैं (4) (5):
बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• बार में केवल à¤à¤• ही पà¥à¤°à¤•ार का खाना देने की कोशिश करें। इससे यह समà¤à¤¨à¥‡ में आसानी होगी कि बचà¥à¤šà¥‡ को उस à¤à¥‹à¤œà¤¨ से किसी पà¥à¤°à¤•ार की खादà¥à¤¯ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ तो नहीं है।
इसके अलावा, बचà¥à¤šà¥‡ को नठà¤à¥‹à¤œà¤¨ खिलाने के बीच 3 से 5 दिनों तक पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¾ करें।
दूध, अंडा, मछली, सेलफिश, नटà¥à¤¸, मूंगफली, गेहूं और सोयाबीन, इन सब की गिनती à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में की जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इसका सेवन करने से पहले à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह जरूर लें। खासकर अगर परिवार में किसी को इन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है, तो शिशà¥à¤“ं को इसका सेवन न कराà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खिलाने के लिठआहार का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ हमेशा उनकी उमà¥à¤° को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रख कर करें।
शिशà¥à¤“ं को हमेशा कà¥à¤› नया खिलाने का टà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करें। इससे बचà¥à¤šà¥‡ को खाना चबाने और निगलने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ सीखने में मदद मिलेगी।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खिलाने के लिठहमेशा छोटी चमà¥à¤®à¤š या बरà¥à¤¤à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
बचà¥à¤šà¥‡ को कà¤à¥€ à¤à¥€ à¤à¤• बार में सारा à¤à¥‹à¤œà¤¨ खिलाने की कोशिश न करें। उसे उतना ही खिलाà¤à¤‚, जितनी उसकी इचà¥à¤›à¤¾ हो।
शिशà¥à¤“ं को गरà¥à¤® खाना खिलाने से पहले à¤à¤• बार सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ कर लें कि कहीं खाना अधिक गरà¥à¤® तो नहीं है।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में शिशॠको दिन à¤à¤° में à¤à¤• बार à¤à¥‹à¤œà¤¨ कराà¤à¤‚। इसके बाद धीरे-धीरे बचà¥à¤šà¥‡ को तीन बार तक खाना खिलाने की आदत डालें।
यहां जानें 6 महीने के शिशॠका आहार चारà¥à¤Ÿ कैसा होना चाहिà¤à¥¤
6 माह के शिशॠका आहार चारà¥à¤Ÿ-| Food chart for 6 month old baby
यहां हम 6 महीने के शिशॠके लिठडाइट चारà¥à¤Ÿ का à¤à¤• नमूना पेश कर रहे हैं (5) :
समय आहार
सà¥à¤¬à¤¹ उठते ही बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• या फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤•
7:30 से 8 am बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• या फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• और आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨
10:30 से 11:30pm बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• या फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• और आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨
12.30 से 1.30 बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• या फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤•
3.00 से 4 pm बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• या फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• और आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨
5.30 से 6.30 बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• या फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤•
7.30 से 8.00 pm बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• या फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤•
डाइट चारà¥à¤Ÿ जानने के बाद शिशॠके लिठकà¥à¤› मजेदार रेसिपी जानिà¤à¥¤
6 माह के शिशॠके लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ 6 रेसिपी | 6 month baby food recipes in hindi
6 महीने के शिशॠके लिठयहां हम कà¥à¤› लाजवाब रेसिपी बता रहे हैं, जो उनके लिठसà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ होने के साथ-साथ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥€ मानी जाती हैं।
1. कदà¥à¤¦à¥‚ की पà¥à¤¯à¥‚री
pumpkin puree
Save
Image: Shutterstock
सामगà¥à¤°à¥€ :
आधा कप कटा हà¥à¤† मीठा कदà¥à¤¦à¥‚
à¤à¤• कप पानी
बनाने की विधि :
कदà¥à¤¦à¥‚ की पà¥à¤¯à¥‚री बनाने के लिठसबसे पहले कदà¥à¤¦à¥‚ को धो लें। फिर उसके छिलके को निकालकर अलग कर लें।
अब, छिले हà¥à¤ कदà¥à¤¦à¥‚ को छोटे टà¥à¤•ड़ों में काट लें और मिकà¥à¤¸à¥€ में डालकर पानी के साथ अचà¥à¤›à¥€ तरह से बà¥à¤²à¥‡à¤‚ड कर लें।
कदà¥à¤¦à¥‚ जब अचà¥à¤›à¥€ तरह से बà¥à¤²à¥‡à¤‚ड हो जाà¤, तो à¤à¤• पैन गैस पर चढ़ाà¤à¤‚ और उसमें पिसे हà¥à¤ कदà¥à¤¦à¥‚ को डालकर पकाà¤à¤‚।
पकने के बाद इसे à¤à¤• बाउल में निकाल लें। इस तरह तैयार हो जाà¤à¤—ी शिशà¥à¤“ं के लिठकदà¥à¤¦à¥‚ की पà¥à¤¯à¥‚री।
2. केले की पà¥à¤¯à¥‚री
Banana Puree
Save
Image: Shutterstock
सामगà¥à¤°à¥€ :
आधा केला
आधा कप दूध (पाशà¥à¤šà¥à¤°à¥€à¤•ृत या फिर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤•)
बनाने की विधि :
सबसे पहले केले को छील लें।
à¤à¤• बाउल में इसे अचà¥à¤›à¥€ तरह से मैश कर लें।
इसके बाद इसमें दूध मिलाà¤à¤‚। अगर यह मिशà¥à¤°à¤£ मोटा लग रहा हो, तो इसमें हलà¥à¤•ा पानी à¤à¥€ मिला सकते हैं।
इस तरह मिनटों में तैयार हो जाà¤à¤—ी बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकेले की पà¥à¤¯à¥‚री।
3. मूंग दाल सूप
Moong Dal Soup
Save
सामगà¥à¤°à¥€ :
3 से 4 चमà¥à¤®à¤š मूंग दाल
पानी – à¤à¤• कप
बनाने की विधि :
सबसे पहले मूंग दाल को अचà¥à¤›à¥€ तरह से धोकर साफ कर लें।
इसके बाद इसे à¤à¤• कà¥à¤•र में डालकर दो से तीन सीटी आने तक पकने दें।
मूंग दाल जब अचà¥à¤›à¥€ तरह से पक जाà¤, तो इसे मिकà¥à¤¸à¥€ में डालकर बà¥à¤²à¥‡à¤‚ड कर लें।
इसके बाद à¤à¤• पैन गैस पर चढ़ाà¤à¤‚ और उसमें पिसी हà¥à¤ˆ मूंग दाल को डालकर à¤à¤• मिनट तक फिर से पकाà¤à¤‚।
अब बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठबनाठगठसूप को à¤à¤• बाउल में डालें और हलà¥à¤•ा ठंडा होने बचà¥à¤šà¥‡ को खिलाà¤à¤‚।
4. हरी बीनà¥à¤¸ की पà¥à¤¯à¥‚री
green bean puree
Save
सामगà¥à¤°à¥€ :
3 से 4 चमà¥à¤®à¤š हरी बीनà¥à¤¸
à¤à¤• कप पानी
बनाने की विधि :
बीनà¥à¤¸ की पà¥à¤¯à¥‚री बनाने के लिठसबसे पहले बीनà¥à¤¸ लगà¤à¤— 15 मिनट के लिठउबाल लें।
इसके बाद उबले हà¥à¤ बीनà¥à¤¸ को बà¥à¤²à¥‡à¤‚डर में अचà¥à¤›à¥‡ से बà¥à¤²à¥‡à¤‚ड कर लें।
फिर इसे à¤à¤• बाउल में निकाल लें। इस तरह तैयार हो जाà¤à¤—ी हरी बीनà¥à¤¸ की पà¥à¤¯à¥‚री।
5. मटर की पà¥à¤¯à¥‚री
pea puree
Save
सामगà¥à¤°à¥€ :
3 से 4 चमà¥à¤®à¤š मटर
दूध – आधा कप (पाशà¥à¤šà¥à¤°à¥€à¤•ृत या फिर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤•)
बनाने की विधि :
सबसे पहले मटर को उबाल लें।
इसके बाद इसे पानी से निकाल कर बà¥à¤²à¥‡à¤‚डर में बà¥à¤²à¥‡à¤‚ड कर लें।
फिर इसमें दूध मिलाà¤à¤‚ और à¤à¤• बार फिर से बà¥à¤²à¥‡à¤‚ड करें।
अब इस मिशà¥à¤°à¤£ को à¤à¤• बाउल में निकाल कर बचà¥à¤šà¥‡ को सरà¥à¤µ करें।
6. उबले शकरकंद की पà¥à¤¯à¥‚री
Boiled Sweet Potato Puree
Save
सामगà¥à¤°à¥€ :
शकरकंद – à¤à¤• (मधà¥à¤¯à¤® आकार का)
पानी – à¤à¤• कप
बनाने की विधि :
सबसे पहले शकरकंद को उबाल लें।
इसके बाद इसे छीलकर बà¥à¤²à¥‡à¤‚डर में डालें।
फिल इसमें पानी मिलाà¤à¤‚ और दोनों को अचà¥à¤›à¥€ तरह से बà¥à¤²à¥‡à¤‚ड कर लें।
इस तरह तैयार हो जाà¤à¤—ी शिशà¥à¤“ं के लिठशकरकंद की पà¥à¤¯à¥‚री।
लेख के अंत में जानें शिशॠका आहार बनाते समय किन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है।
6 महीने का शिशॠका आहार बनाते और देते वकà¥à¤¤ सावधानियां
शिशà¥à¤“ं को पहली बार जब à¤à¥‹à¤œà¤¨ कराया जाता है, तो उस समय कà¥à¤› खास बातों का खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना जरूरी है, जो इस पà¥à¤°à¤•ार है (6) (7):
शिशà¥à¤“ं के लिठआहार बनाते समय और खिलाते समय अपने हाथों को अचà¥à¤›à¥€ तरह से धोà¤à¤‚।
इसके अलावा, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दी जाने वाले फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥€ तरह साफ करें।
कचà¥à¤šà¥‡ मांस मछलियों को शिशॠके à¤à¥‹à¤œà¤¨ से अलग रखें।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¥‹à¤œà¤¨ देने से पहले यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें की वह अचà¥à¤›à¥€ तरह से पका है या नहीं।
शिशà¥à¤“ं को मांस मछली देने से पहले उसमें से हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और कांटों को अचà¥à¤›à¥€ तरह से निकाल लें।
à¤à¤• साल से पहले शिशà¥à¤“ं को शहद का सेवन न कराà¤à¤‚। इसमें बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकते हैं, जो बोटà¥à¤²à¤¿à¤œà¥à¤® का कारण बन सकते हैं। बता दें कि बोटà¥à¤²à¤¿à¤œà¥à¤® à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤, लेकिन गंà¤à¥€à¤° बीमारी होती है।
इसके अलावा, à¤à¤• साल की उमà¥à¤° से पहले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को गाय का दूध à¤à¥€ न दें। à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‡ इसे अचà¥à¤›à¥€ तरह नहीं पचा पाते हैं।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लिठबिना शिशà¥à¤“ं को बोतल में à¤à¥‹à¤œà¤¨ डालकर न खिलाà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¤¾ जब à¤à¥‚खा हो तà¤à¥€ उसे खाना खिलाà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‡ के à¤à¥‹à¤œà¤¨ को à¤à¤• से दूसरे समय इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। अगर इसके बाद à¤à¥€ खाना बच जाता है, तो उसे फिर से बचà¥à¤šà¥‡ को खाने के लिठनहीं दें।
8 महीने की उमà¥à¤° से पहले कà¤à¥€ à¤à¥€ शिशà¥à¤“ं को फिंगर फूड का सेवन न कराà¤à¤‚।
जनà¥à¤® से लेकर 6 महीने तक मां का दूध ही शिशॠके लिठसंपूरà¥à¤£ आहार माना जाता है। वहीं, 6 महीने के बाद उसे ठोस आहार खिलाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। इस लेख को पढ़ने के बाद अब आपको 6 महीने के शिशà¥à¤“ं को दिठजाने वाले आहार के बारे में जानकारी मिल गई होगी। इसके अलावा, हमने यहां शिशà¥à¤“ं को आहार देने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ कैसे करें, इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ टिपà¥à¤¸ à¤à¥€ बताठहैं। साथ ही यहां मजेदार वà¥à¤¯à¤‚जनों की रेसिपी à¤à¥€ बताई गई हैं। हम उमà¥à¤®à¥€à¤¦ करते हैं कि हमारा यह लेख शिशà¥à¤“ं के लिठआहार का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करने में आपकी मदद करेगा।
| --------------------------- | --------------------------- |